शीर्षक गुम - २
एक तरफ वो और उसका घर था दूसरी तरफ मेरी मंज़िल का सफ़र, वक़्त ने इस दोराहे पर लाके मुझे खड़ा कर दिया था. उसने मुझसे यही कहा था कि चुन लो मैं या म्यूज़िक. उसे भूल पाना मुमकिन ना था लेकिन म्यूज़िक मेरे लिए सांस लेने की तरह था बिना सांस लिए कैसे रहू और उसके बगैर कैसे जियु. मैने खुद से सवाल किया मैं किसके ज़्यादा करीब हू और किसको मैं नही छोड़ सकता एक ही तरीका था . मैने कंधे से गिटार उतारा उंगलिया कॉर्ड्स पर जमाई औरे एक धुन बजाई . ट्ननननन.
मुझे मेरा जवाब मिल गया था और मैने कदम बढ़ा दिए थे.वो और उसका घर पीछे छूट गये थे और सूरज क्षतिज मे डूब रहा था.
एक तरफ वो और उसका घर था दूसरी तरफ मेरी मंज़िल का सफ़र, वक़्त ने इस दोराहे पर लाके मुझे खड़ा कर दिया था. उसने मुझसे यही कहा था कि चुन लो मैं या म्यूज़िक. उसे भूल पाना मुमकिन ना था लेकिन म्यूज़िक मेरे लिए सांस लेने की तरह था बिना सांस लिए कैसे रहू और उसके बगैर कैसे जियु. मैने खुद से सवाल किया मैं किसके ज़्यादा करीब हू और किसको मैं नही छोड़ सकता एक ही तरीका था . मैने कंधे से गिटार उतारा उंगलिया कॉर्ड्स पर जमाई औरे एक धुन बजाई . ट्ननननन.
मुझे मेरा जवाब मिल गया था और मैने कदम बढ़ा दिए थे.वो और उसका घर पीछे छूट गये थे और सूरज क्षतिज मे डूब रहा था.
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